आज भारतीय सेना में 341 सैन्य अधिकारी देश में शामिल हो गए हैं वहीं, 425 कैडेट पास आउट हुए हैं। आपको तो पता ही होगा की, आईएमए में कुछ कैडेट्स की लड़ाई हुई थी जिसके कारण ये खबर सुर्खियों में है। एकेडमी में जिस तरह भारत और तजाकिस्तान के GC’s के बीच मारपीट हो गई, उससे IMA की प्रतिष्ठा- यहाँ के अनुशासन पर सवाल खड़े हुए हैं। बता दें की, खुफिया सूत्रों के मुताबिक इस मामले में तजाकिस्तान के 2 कैडेटों को स्वदेश वापिस भेज दिया गया।और वहीं भारत के 2 कैडेटों को भी IMA से बाहर कर उनकी पुरानी सैन्य यूनिट भेज दिया गया।
आपको बता दें की, दोनों कैडेट सेना में रंगरूट भर्ती हो के ACC में चयनित होने के बाद अफसर बनने की आखिरी सीढ़ी पर आ पहुंचे थे। अब वे सिपाही से आगे शायद ही बढ़ पाए। वहीं, दो अन्य आरोपी भारतीय कैडेटों को दंड स्वरूप एक टर्म पीछे कर दिया गया है।इन सभी को भी आज सभी के साथ पास आउट होना था, जानकारी के मुताबिक इस मामले में एकेडमी के दो कमीशन अफसर के खिलाफ भी जरूरी कार्रवाई सेना कर रही, बता दें की उनकी भूमिका मारपीट मामले में संदिग्ध पाई गई।
बताया जा रहा है की, 12 साल पहले भी IMA सुर्खियों में आया था। मेरठ का एक शख्स अपने भाई के फर्जी दस्तावेजों के सहारे चुन कर IMA में ट्रेनिंग ले रहा था। उसके बारे में पता चला था कि वह ग्रेजुएट भी नहीं था। वह SSB पास करने में सफल रहा था, हैरानी वाली बात ये थी कि वह इससे पहले भी एकेडमी में GC रह चुका था। अपनी उम्र कम कर के फर्जी दस्तावेजों के बूते IMA के लिए दुबारा चुन लिया गया था। ALSO READ THIS:IMA पासिंग आउट परेड: भारतीय सेना को मिले 341 जाबांज युवा सैन्य अधिकारी, 84 विदेशी कैडेट भी पास आउट..
MH में किसी पुराने बैच मेट ने, जो अफसर बन चुका था उसको कई साल बाद फिर GC के तौर पर देखा तो असली बात पता चली। उसके बाद फिर इस फर्जीवाड़े के युवक को तत्काल बर्खास्त कर उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई थी। आईएमए में ऐसी हरकत को बर्दाश्त नहीं करा जा सकता। जिन अफसरों के कंधों पर भविष्य में देश की सुरक्षा की कमान होनी है, उनसे इस तरह के बर्ताव की अपेक्षा कतई नहीं की जा सकती है। ALSO READ THIS:डीजीपी ने कोरोना महामारी में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को दी श्रद्धांजलि..






