उत्तराखंड के चारधामो में से एक द्वितीय केदार भगवान श्री मद्महेश्वर धाम के कपाट आज सोमवार 22 नवंबर को प्रात: आठ बजे बन्द कर दिए जाएंगे। वहीं पुजारी शिव लिंग चपटा ने पूजा- अर्चना के बाद भगवान के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप देकर कपाट बंद किये। श्री महेश्वर जी की उत्सव यात्रा में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल, श्री मद्महेश्वर डोली यात्रा प्रभारी पारेश्वर त्रिवेदी, समालिया मृत्यंजय हीरेमठ सहित गौडार ग्राम के श्रद्धालु, तहसील प्रशासन, वनविभाग के कर्मचारी मौजूद थे।
इस दौरान महेश्वरी जी की डोली का स्वागत करने के लिए देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी.सिंह, पुजारीगण, देवानंद गैरोला, आर सी तिवारी, यदुवीर पुष्पवान, प्रेम सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु गण पहुंच रहे हैं। इसके अलावा वहाँ देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने कपाट बंद होने के समय भगवान मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली आज 22 नवंबर को गौंडार, 23 नवंबर को रांसी, 24 नवंबर को गिरिया प्रवास करेगी।
इसके अलावा महेश्वरी जी की यात्रा 25 नवंबर को चल विग्रह डोली श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। और परंपरागत मद्महेश्वर कौथीग आयोजित होगा।इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के अलावा लोगो के पहुँचने का कार्यक्रम भी है।







