देहरादून: बदलते मौसम की वजह से उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बारिश-बर्फबारी की वजह से चुनाव प्रक्रिया में भी असर पड़ रहा है।बीते दिन बर्फबारी के चलते जगह-जगह 15 पोलिंग पार्टियां फंस गईं थी।अब सभी लोग यह सोच रहे है कि ऐसे में मतदान प्रक्रिया में किसी तरह की रुकावट तो नहीं आएगी।
अब इसका जवाब उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने दिया है। उन्होंने बताया कि जिस जगह बूथ तय किए गए हैं, वहीं मतदान होंगे,बर्फबारी की वजह से मतदान में कोई भी बदलाव नहीं होगा।इसके लिए उन्होंने विशेष योजना बनाई है और कुछ खास तैयारियां की है।उन्होंने जेसीबी से लेकर एयर एंबुलेंस का पुत्र प्लान तैयार किया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या के द्वारा बताया गया कि पहलेमतदान से 24 घंटे पहले पोलिंग पार्टियां, रवाना की जाती थीं लेकिन अब पोलिंग बूथों कोचुनाव आयोग से 72 घंटे पहले पहुंचाने की अनुमति ले ली गई है।
यानि तीन दिन पहले ही पोलिंग बूथों के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना कर दी जाएंगी।ज्यादा बर्फबारी वाले इलाकों में कटर,जेसीबी,एसडीआरएफ की टीमें,पीडब्ल्यूडी की टीम पोलिंग पार्टियों को सुगमता से पहुंचाने के लिए तैयार हैं। ज्यादा विकट हालातो में पोलिंग पार्टियों के लिए एयर एंबुलेंस भी भेजा जाएगा।
खराब मौसम की वजह से प्रत्याशियों के साथ-साथ पोलिंग पार्टियों को भी बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। चुनावी रैली और रोड शो कोरोना के चलते नहीं की जा सकती।अब खराब मौसम ने भी चुनाव के मैदान में सभी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। कई जगह में बारिश और बर्फबारी से अब चुनाव प्रचार रुक गया है।






