रामनगर में हुए व्यापारी की मौत से पर्दा उठ चुका है बताया जा रहा है कि सुहेल सिद्दीकी नाम के एक व्यापारी की मौत हुई थी बता दें कि इस मामले में पूरी तरह से पर्दा उठ चुका है सुहेल सिद्दीकी की मौत का जिम्मेदार एक कुमाऊँ रेजीमेंट का सेना का जवान है।
संपूर्ण मामला इस प्रकार है कि 2 अगस्त को सुहेल सिद्दीकी अपनी दुकान को बंद कर कर घर की ओर जा रहा था किंतु काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज की जिसके बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिस में पाया गया कि एक अल्टो कार ने पहले तो सुहेल सिद्दीकी की मोटरसाइकिल पर टक्कर मारी और उसके बाद उसे जबरदस्ती कार में बिठा कर ले गए इसके बाद पुलिस ने कार के नंबर को नोट किया और जांच पड़ताल शुरू की।
जांच में पाया गया कि हरीश राम के बेटे और सेना में जवान भरत को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया बता दी कि भरत कुमाऊँ रेजीमेंट में सेना के जवान है जब पुलिस ने उनके साथ सख्ती से पूछताछ की तो कुछ देर बाद भरत ने कुछ ऐसा खुलासा किया कि पुलिस वाले भी सुनकर दंग रह गए उसने बताया कि सुहेल सिद्दीकी की हत्या उसने ही की है।
उसने बताया कि हत्या का कारण यह था कि सोहेल सिद्धकी और भरत की बहन का 4 साल पहले प्रेम प्रसंग था जिसको लेकर जब भरत की बहन ने सुहेल सिद्दीकी को शादी करने के लिए बोला तो उसने मना कर दिया जिसके चलते भरत की बहन ने सुसाइड कर लिया बहन के चले जाने के बाद भरत ने बदला लेने की ठान ली थी बता दें कि उस समय भरत कुमाऊँ रेजीमेंट में प्रशिक्षण ही ले रहा थालिहाजा वह इतना आर्थिक रूप से सक्षम भी नहीं था कि जो इस वारदात को अकेले अंजाम दे सके इसके बीच अक्सर सुहेल सिद्दीकी भरत को उसकी बहन के बारे में गंदे टिप्पणियां मारता था और उसका खूब उपहास उड़ाता था जब भरत सेना में नौकरी करने लगा तो छुट्टी आने के बाद ही एक बार फिर से सुहैल सिद्दीकी ने भरत को निशाना बनाया और फिर से उसकी बहन के साथ बिताए हुए पलों के सहारे भद्दी टिप्पणियां करने लगा जिससे भरत का गुस्सा और बढ़ गया।।
उसने पहले तो अपने दोस्तों से दिनेश को फोन किया फिर सुहेल सिद्दीकी को मारने की योजना बनाई बता दें कि 2 अगस्त की रात को 8:00 बजे सुहेल सिद्दीकी अपनी दुकान बंद करके आ रहा था इसी समय 8:30 बजे दिनेश और भरत अल्टो कार लेकर कोटद्वार वाली रोड पर खड़े हो गए थे वहां सुहेल का आने का इंतजार कर रहे थे
जिसके बाद जब सुहैल वहां पहुंचा तो उन्होंने अपनी अल्टो गाड़ी से सुहैल की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी जिसके कारण सुहैल नहर की पटरी पर जा गिरा उसके सिर पर काफी गंभीर चोट आ रखी थी जिसके बाद उसने खड़े होने की कोशिश की लेकिन भरत और दिनेश ने उसके सिर पर रॉड से हमला किया जिसके कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई उसके बाद सुहैल की लाश को अल्टो कार में रखा गया और उसकी जेब से आधार कार्ड मोबाइल और पर्स आदि को नदी के तेज बहाव में फेंक दिया गया
वही सोहेल की मोटरसाइकिल को दिनेश ने पकड़ लिया और आगे चल कर कानिया चौराहे से मालधन रोड की ओर जाते हुए मुरादाबाद काठ रोड पर जा पहुंचे जहां पर उन्होंने पहले तो बाइक की चाबी और बाइक को झाड़ियों में फेंक दी फिर 500 मीटर आगे गए वहां पर उन्होंने एक गन्ने के खेत में सुहैल की लाश को ठिकाने लगाया जिसके बाद उन्होंने पकड़े जाने के डर से सुहैल का चेहरा पेट्रोल डालकर जला दिया फिर उसके बाद वह रामनगर वापस आ गए।
भरत द्वारा बताए गए स्थानों की सहायता से पुलिस ने सुहैल की लाश और बाइक को बरामद कर लिया है वहीं भरत को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है जबकि दिनेश फरार चल रहा है।







