
उत्तराखंड में मौसम विभाग में एक बार फिर से प्रदेश में भारी बारिश की आशंका जताई है बता दें कि इस बार मौसम विभाग ने 48 घंटों में अलर्ट रेड जारी किया है बता दें कि मौसम विभाग ने कुल 4 जनपदों में रेड अलर्ट जारी किया है जिसमें टिहरी उत्तरकाशी रुद्रप्रयाग और हरिद्वार शामिल है वही आपदा प्रबंधन की टीम को भी मुस्तैद रहने के लिए कहा है।
बता दें कि इन दिनो उत्तराखण्ड में बारिश का सिलसिला खत्म होता हुआ नजर नहीं आ रहा है बीते कुछ दिनों से देहरादून में लगातार बारिश देखने को मिली है वही एक बार फिर से उत्तराखंड के मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून में प्रदेश के कुछ जनपदों में रेड अलर्ट जारी किया है बता दें कि आगामी 48 घंटों में उत्तराखंड के इन 4 जनपदों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
प्रदेश में जैसे ही मौसम विज्ञान केंद्र में आगामी 48 घंटों के लिए मौसमी रिपोर्ट दी तो कई जिलों में सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ीयों की अवकाश की घोषणा भी कर दी गई है बता दें कि इन दिनों पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में मौसम ने एक बार फिर से करवट लिया है जिसके कारण आवाजाही में परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं
मौसम विज्ञान केंद्र ने टिहरी उत्तरकाशी हरिद्वार और रुद्रप्रयाग में रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों को नदियां और तटीय इलाकों से दूर रहने को कहा है इन जनपदों के साथ-साथ कई संवेदनशील इलाकों में अधिक मात्रा में वर्षा देखने को मिल सकती है इसी के साथ तेजगढ़ जन के साथ आकाशीय बिजली की भी आशंका जताई गई है।
भारी बरसात के कारण अक्सर उत्तराखंड में जलभराव हो जाता है और कई सारे राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो जाते हैं क्योंकि इन मार्गों में भूस्खलन और मलवा आ जाता है जिसके कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है बता दे कि केदारनाथ धाम में लगातार दो दिनों से बारिश हो रही है जिसके कारण सोनप्रयाग गौरीकुंड के बीच में बारिश के कारण मलबा आ गया है
इसके साथ साथ कई नदियां भी अपने उफान पर आ चुकी हैं प्रशासन ने परेशानियों को देखते हुए सोनप्रयाग और गौरीकुंड में यात्रियों को रुकने के लिए कहा है किंतु अभी हेली सेवाएं जारी हैं अगर मौसम खराब रहता है तो हेली सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी
वहीं एसपी अग्रवाल ने मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा दिए गए पूर्व अनुमान पर कहा है कि अगर मौसम खराब रहता है तो केदारनाथ यात्रा को रोक दिया जाएगा क्योंकि ऐसे में हम यात्रियों की सुरक्षा में कोई चूक नहीं करना चाहते हैं।






