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जोशीमठ में पहला हादसा मंदिर हुआ धाराशाई, लगातार विकराल रूप ले रहा भू धसाव

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The first accident happened in Joshimath, the temple collapsed, the landslide is taking a terrible form
The first accident happened in Joshimath, the temple collapsed, the landslide is taking a terrible form (Image Credit: Social Media)

बीते वर्ष से जोशीमठ में भूस्खलन की खबरे चर्चा में बनी हुई है।लेकिन बीते कुछ समय से जोशीमठ में भूस्खलन की घटनाएं बहुत ज्यादा तेजी से बढ़ती ही जा रही है।

जोशीमठ उत्तराखंड में पर्यटन और आध्यात्म के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण केंद्र है।और इस तरह लगातार भूस्खलन होने से राज्य को एक बड़ा नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

जोशीमठ स्थित कई होटलों और आसपास के गांव के घरों में भारी मात्रा में दरारें पड़ गई है।जिससे की लोगो की बीच रात को घर में ठहरने का डर बना हुआ है।वही कुछ लोगो ने जोशीमठ से बाहर पलायन कर लिया है। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर और अपने छेत्र से लगाव होने के कारण लोगो की आंखों में आंसू है।

अभी हाल में है इलाके के सिंहधार वार्ड में स्थित माता भगवती का मंदिर भी भूस्खलन की चपेट में आने से जमीन में समा गया। राज्य सरकार ने भी इस समस्या को सुलझाने के लिए कई बार मुद्दे।पर बात रखी है। साथ ही वहां की लोगो को घर खाली करने और बाहर निकलकर कही और बसने के निर्देश दिए है।

छेत्र में सरकार द्वारा एसडीआरएफ की टीम को भी तैनात किया गया है।साथ ही सर्वेक्षण के लिए भू वैज्ञानिकों की टीम को भी भेज दिया गया है। बता दे की गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार और।आपदा।प्रबंधन रंजीत कुमार सिन्हा के निर्देश पर वैज्ञानिकों की।टीम जोशीमठ में।पहुंच गई है। अब सर्वेक्षण।के बाद ही किसी अहम निर्णय तक पहुंचा जा सकेगा।फिलहाल मुख्यमंत्री ने लोगो को आवास खाली करने की अपील कर दी है।

वही जिलाधिकारी चमोली हिमांशु खुराना ने भी भूस्खलन से प्रभावित की रिर्पोट मुख्यमंत्री के सचिव को।सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक छेत्र में लगभग 561 भवनों में दरार आई है। जिसमें गांधी नगर में 127, मारवाड़ी में 28 और नृसिंह मंदिर में 24, सिंहधार में 52, मनोहर बाग में 69, अपर बाजार डाडों में 29, परसारी में 50, रविग्राम में 153 शामिल है।

बता दे की आवासीय लोगो ने समस्या के निदान के लिए सरकार से उम्मीदें लगाई है ।सरकार द्वारा भी इस मुद्दे पर अब गहराई से ध्यान केंद्रित कर लिया गया है।

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