दुनिया भर के देशों में ट्रैफिक जाम की समस्या रोजमर्रा की जिंदगी में एक अहम मुद्दा बन जाता है. मिनी ट्रैफिक जाम में कई बार एंबुलेंस और महत्वपूर्ण काम के लिए जाने वाले लोग फंस जाते हैं. जिसके कारण कई बार जान के साथ-साथ काम की भी हानि हो जाती है. भारत जैसे ज्यादा जनसंख्या वाले देशों में ट्रैफिक जाम एक आम सी बात है.
क्योंकि जितनी ज्यादा जनसंख्या होगी उतनी ही ज्यादा वाहन भी होंगे और इसीलिए इस ट्रैफिक जाम से बचने के लिए सरकार भी कई सारे अभियान चला रही है. ऐसी ही एक खबर उत्तराखंड राज्य के देहरादून से भी आ रही है. जहां पर ट्रैफिक पुलिस ने एक अभियान के तहत कई सारे कमर्शियल व्हीकल्स में कार्रवाई भी की है.
देहरादून निवासियों को तो यह बताने की जरूरत भी नहीं होगी कि विक्रम, ऑटो और सिटी बस वाले किस तरह से सड़कों पर अपनी मनमानी चलाते हैं. बता दें कि देहरादून ट्रैफिक पुलिस ने 14 मार्च से एक खास अभियान की शुरुआत की है जिसके तहत देहरादून ट्रैफिक पुलिस ने अब तक 180 विक्रमों और 35 सिटी बसों के खिलाफ कार्रवाई की है और 67 वाहन सीज कर दिए हैं.
क्योंकि वह कहीं भी वाहन रोककर सवारियां बैठाना शुरू कर देते हैं और लेफ्ट टर्न बाधित करते हैं जिस वजह से सड़क पर जाम लगने लग जाता है और कई बार दुर्घटना भी हो जाती है. इसीलिए इन सभी चीजों को रोकने के लिए देहरादून ट्रैफिक पुलिस द्वारा यह अभियान चलाया गया है.
देहरादून के एसपी ट्रैफिक अक्षय कोंडे का कहना है कि वाहन चालकों को चेतावनी दी गई है कि अगर दोबारा नियम तोड़ते पकड़े गए तो परमिट कैंसिल करने की कार्रवाई की जा सकती है. देहरादून की ही तरह उधम सिंह के सितारगंज में भी ऐसे ही अभियान चलाए गए हैं. जहां एआरटीओ ने 10 कमर्शियल वाहनों को सीज भी कर दिया है.






