जैसे-जैसे टैक्लॉजी आगे बढ़ती जा रही है. वैसे ही लोग अपने हित में फायदे के लिए इस बेंगलुरु जी का दुरुपयोग कर रहे हैं और किसी अन्य व्यक्ति को क्वेश्चन गलत चक्रों में फंसा दे रहे हैं.
ऐसा ही एक मामला उत्तराखंड के रुड़की से सामने आ रहा है जहां उस दिहाड़ी मजदूर को शौक तब लगा जब उसे उत्तर प्रदेश इनकम टैक्स की तरफ से 70 लाख रुपए भरने का नोटिस प्राप्त हुआ. बता दें कि उत्तराखंड राज्य के रुड़की के गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के कृष्णानगर के गली नंबर-21 से एक खबर सामने आ रही है.
जहां के रहने वाले सुनील कुमार जो कि एक दिहाड़ी मजदूर हैं उनको आयकर विभाग की तरफ से 70 लाख रुपए भरने का नोटिस प्राप्त हुआ है. इसके बाद जब सुनील कुमार ने आयकर अधिवक्ता विकास कुमार सैनी के के सहयोग से आयकर विभाग शामली के इनकम टैक्स ऑफिसर अभिषेक कुमार जैन से संपर्क किया.
तो अभिषेक कुमार जैन ने सुनील को बताया कि उसके नाम पर दिल्ली में मैसर्स एसजीएन ब्रॉस नाम से एक फॉर्म की रजिस्ट्री हो रखी है और उसमें उसका पैन कार्ड भी लगा हुआ है और सुनील कुमार के नाम पर ही जीएसटी नंबर भी लिया गया है.
इस फर्म से बहुत सारे अन्य फर्म में भी लाखों का व्यापार व लेनदेन किया जाता है. जिसके चलते यह नोटिस जारी किया गया है. सुनील कुमार ने गंगा नहर कोतवाली पुलिस को यहां तहरीर देते हुए कहा कि उसके पैन कार्ड का गलत प्रयोग किया जा रहा है. पुलिस मामला दर्ज करके इस मामले की गहराई से जांच करने में लग गई है.






