उत्तराखंड राज्य के हल्द्वानी से एक दुखद खबर सामने आ रही है. बुधवार की देर शाम को एलएलबी के एक छात्र पार्थ सिंह सामंत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. भारत के अमृत शरीर को सबसे पहले उन्हीं के महिला मित्र ने देखा. पार्थ दो दिन पहले अपने घर से खाना खाकर घूमने के लिए निकला था और इस वक्त से वह लपता चल रहा था.इसके बाद से भारत के परिजन उसे ढूंढ रहे थे. बुधवार को पार्थ की लाश उसी की कार से बरामद की गई. पार्थ अभी सिर्फ 23 साल का था.
पार्थ का परिवार मूल रूप से उत्तराखंड राज्य के चंपावत का रहने वाला है. वो यहां मुखानी में अपनी मां गीता और बहन के साथ रहता था. भारत की माता गीता ने बताया कि पार्थ एलएलबी चौथे सेमेस्टर का छात्र था. मंगलवार की रात को पथ नहीं खाना खाया और कहा कि वह अपने दोस्त से मिलने के लिए जा रहा है और कहा कि वह 1 घंटे में घर वापस आ जाएगा मगर वह फिर वापस नहीं आया.
पार्थ ने रात को मां को फोन किया था, कहा था कि कुछ देर में घर लौट आएगा, इसके बाद पार्थ का फोन स्विच ऑफ हो गया. पार्थ की एक महिला मित्र मुखानी चौराहे के पास रहती है. बुधवार की सुबह को जब उसे भी पार्थ का फोन स्विच ऑफ मिला तो उसने पार्थ के दोस्त को फोन किया.
जब वहां से भी पार्थ का कुछ पता नहीं चला तो वह खुद ही पार्थ को ढूंढने के लिए निकल पड़ी. इसके बाद बुधवार दे शाम को उन्हें पार्थ की कार आरके टेंट हाउस के पास दिखाई दी. अपनी कार में पार्थ सेट खोलकर पूरी तरह लेटा हुआ था. कार के दरवाजे भी लॉक नहीं किए गए थे.महिला मित्र ने पार्थ को उठाने की कोशिश की, लेकिन जब वो नहीं उठा तो युवती ने परिजनों को सूचना दी.
पार्थ के परिजन तुरंत मौके पर पहुंच गए और उसे लेकर अस्पताल पहुंचे. जहां पहुंचकर उन्हें पता चला कि पार्थ की मृत्यु हो चुकी है. यह सुनते ही पार्थ के परिजनों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा. इस घटना के बाद पुलिस पार्थ के परिजन और उसकी महिला मित्र से पूछताछ कर रही है. फिलहाल पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है उसके बाद ही मौत की असली वजह का पता चल पाएगा.






