
वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध में देश की रक्षा करते हुए बलिदान हुए स्व. सिपाही मदन सिंह की वीरांगना देबुली देवी को लगभग छह दशक बाद बड़ी आर्थिक राहत मिली है।भारतीय सेना तथा सैनिक कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयासों से उनके खाते में पहली किस्त के रूप में 28.45 लाख रुपये जमा किए गए हैं।
देबुली देवी ने बताया कि उनके पति सात सितंबर 1965 को भारत-पाक युद्ध के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए थे।उन्हें अब तक उदारीकृत पारिवारिक पेंशन मिलती रही, लेकिन भारत सरकार से युद्ध में बलिदानियों की समीक्षा तथा लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत उनके मामले का पुनरीक्षण किया गया।
भारतीय सेना, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के लेफ्टिनेंट कर्नल वेद प्रकाश जोशी (सेना मेडल, सेवानिवृत्त), कुमाऊं रेजिमेंट तथा ओआइसी पीसीडीए प्रयागराज के समन्वित प्रयासों से यह राशि जारी की गई। बताया गया कि लगभग इतनी ही दूसरी किस्त भी अभी मिलनी बाकी है।अधिकारियों के अनुसार एनपीएसी तथा देय प्रमाणपत्र से संबंधित दस्तावेज ट्रेजरी कार्यालय तथा जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के माध्यम से प्रयागराज भेजे जाने हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शेष बकाया राशि भी देबुली देवी के खाते में जमा कर दी जाएगी।




