दहेज प्रथा जो लड़कियों को आर्थिक रूप से मदद करने के लिए एक सभ्य प्रक्रिया के रूप में शुरू की गई, क्योंकि वे नए सिरे से अपना जीवन शुरू करती हैं, धीरे-धीरे समाज की सबसे बुरी प्रथा बन गई है। जैसे बाल विवाह, बाल श्रम, जाति भेदभाव, लिंग असमानता, दहेज प्रणाली आदि भी बुरी सामाजिक प्रथाओं में से एक है जिसका समाज को समृद्ध करने के लिए उन्मूलन की जरूरत है।आए दिन इससे जुड़े मामले सुनाई देते है। बहुत सी औरतों पर इसके लिए अत्यचार किया जाता है।
ऐसा ही एक मामला उत्तराखंड के हल्द्वानी से आया है जहां महिला ने अपने ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है।हल्द्वानी में बनभूलपुरा नामक जगह रहने वाली महिला ने यह केस दर्ज करवाया है।
महिला का विवाह 4 फरवरी 2020 को यूपी के बरेली में एक आदमी के साथ हुआ जिसका नाम मोहम्मद शहरोज है।शादी के दौरान दहेज प्रथा का पालन कर महिला के परिवार वालों ने उसके पति के खाते में बाइक खरीदने के लिए 70 हजार डाले।साथ ही शादी के दौरान अन्य वस्तुएं भी अपनी बेटी को भेजी।लेकिन ससुराल वालों का लालच बढ़ने लगा और उन्होंने महिला से अपने मायके वालों से 5 लाख रुपए मांगने कार खरीदने के लिए मांगने को कहा।लेकिन जब मायके वाले इस मांग को पूरी नहीं कर पाए तो वो लोग महिला के साथ जोर जबरदस्ती करने लगे।
महिला अप्रैल 2020 गर्भवती हो गई।लेकिन ससुराल वालों ने उसमे दबाव डाला और उसका गर्भपात करवा दिया।उसके साथ उन्होंने में पीट भी की साथ साथ उसके पति ने उसे तीन तालक भी से दिया।इसके बाद महिला जब अपने मायके आयी तो उसने बनभूलपुरा पुलिस में अपने पति के साथ चार अन्य लोग जो कि (सास ससुर और दो ननद है) के ऊपर केस दर्ज करवाया है।पुलिस अपनी जांच पड़ताल कर रही है।और उन्होंने पीड़िता को आश्वासन दिया है कि उसके साथ न्याय कर उसके आरोपियों को सख्त सज़ा दी जाएगी।
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