उत्तराखंड – खबर है कि ग्राम छडा़यल में अपने मायके में रह रही विविहिता का विवाह साल 2014, 21 मई को कुतुबसेर जीला सहारनपुर निवासी उत्तर प्रदेश के राजेश ध्यान के साथ हुआ था जो की पैशे से पुलिस विभाग के कॉन्स्टेबल है। जानकारी के अनुसार, विवाहित का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही पति शादी के दिनों दहेज काम लाने को लेकर हर रोज शराब के नशे में उसके साथ मार पीट करने लगा। उनके दो बच्चे होने के बाद भी पति उससे हर रोज की तरह मारता – पिटता रहता था।
लेकिन शिकायत के बाद भी उत्तर प्रदेश की पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। और अब उत्तराखंड की पुलिस ने विवाहिता को तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। वह अपने जीवन बचाने के लिए उसकी मार सहती रही। वह दो बार महिला थाना सदर,सहारनपुर भी गई लेकिन पति के विभाग में होने के कारण पुलिस वालों ने ही उससे ये मामला घरेलू होने के कारण उससे वापस भेज दिया। विवाहित का आरोप ये भी है कि उसके पति ने उस पर साल 2019 में लोहे कि रॉड से भी हमला किया। इसके बाद वो अपने मायके आ गई तो उसका पति फिर उसके मायके आ कर इस तरह की घटना दोबारा ना होने का दिलासा देता रहा और उससे वापस ले आया।
लेकिन उसने फिर से कुछ दिनों बाद उत्पीड़न शुरू कर दिया। और फिर उसने 27 दिसंबर 2020 को उसको और दोनों बच्चों को घर से बाहर निकाल दिया। विवाहित ने अपने और अपने भाई को जान का खतरा बताया है। वहीं पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर के जांच शुरू कर दी है। ऐसे पति को तो कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए, पुलिस में रहकर भी कानून से खिलवाड़ करते हैं ये लोग इनके ऊपर जल्द से जल्द सख्त करवाई की जनी चाहिएं।






