उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में नरभक्षी गुलदार का आतंक बड़ता ही जा रहा है। गुलदार जंगलों से निकल कर बच्चों और बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं, लेकिन लोगों को गुलदार के आतंक से निजात दिलाने के लिए वन विभाग कोई ठोस योजना अब तक भी नहीं बना पाया है। अल्मोड़ा जिले से गुलदार का एक मामला सामने आया जहां गुलदार एक बुजुर्ग महिला को घर से घसीटकर ले गया और उसे अपना निवाला बना लिया और गुलदार के घर में घुसकर महिला को मार कर ले जाने की घटना से क्षेत्र में दहशत बनी हुई है। सारे लोग डरे हुए हैं और शाम होने से पहले ही घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं।
यह घटना स्यालदे ब्लॉक के बरंगल ग्राम पंचायत स्थित तोक किम्बगड़ क्षेत्र की है। जहां।50 साल की शांति देवी अपने परिवार संग रहती थीं और सोमवार शाम को शांति देवी घर से अचानक लापता हो गई। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग महिला आमतौर पर घर में अकेले ही रहा करती थीं और उसके साथ उसके कोई परिजन नहीं रहते थे। दो दिन हो गए, महिला गांव में दिखाई नहीं दी तो आसपास के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान बुधवार को गांव से 200 मीटर दूर पर एक झाड़ी में महिला के कुछ कपड़े मिले, जो कि खून से लथ पथ थे।
ग्रामीण अनहोनी की आशंका से कांप गए। थोड़ी दूर जाने पर ग्रामीणों को शांति देवी की क्षत-विक्षत लाश भी मिल गई। और बता दें कि गुलदार ने शव को पूरी तरह खालिया था। डरे हुए लोगों ने घटना की सूचना तुरंत पुलिस प्रशासन को दी और उसके बाद में तहसीलदार निशा रानी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली फिर उन्होंने कहा कि महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और वहीं गुलदार के हमले की घटना से लोग डरे हुए हैं। उन्होंने वन विभाग से गुलदार को नरभक्षी घोषित कर उसे मारने की मांग की, ताकि ऐसी कोई घटना दोबारा ना घटित हो और ग्रामीण आराम से अपना काम करते रहें।






