
हमारे देश की आजादी को न केवल हमारा देश भारत मना रहा है बल्कि पूरे विश्व में भारत का तिरंगा लहरा रहा है बता दें कि विश्व प्रसिद्ध मोनुमेंट्स से लेकर हर ऊंचाइयों तक भारत का तिरंगा लहरा रहा है आज़ादी के इस अमृत महोत्सव में हमारे तिरंगे की चमक धरती से लेकर अंतरिक्ष अपना जलवा बिखेर रही है।
बता दें कि धरती से 30 किलोमीटर की ऊंचाइयों पर पहली बार तिरंगा लहराया गया दरअसल स्पेस किड्स इंडिया नाम की एक संस्था ने यह तिरंगा भारत की धरती से 1,06,000 km की दूरी पर अंतरिक्ष में उड़ाया उनका मुख्य उद्देश्य बच्चों के अंदर अंतरिक्ष के बारे में रुचि पैदा करना था
वह बच्चों को इस कार्य से प्रोत्साहित करना चाहते थे इसलिए उन्होंने बच्चों की मदद से बलून फुलाकर अंतरिक्ष में छोड़ा वहीं दूसरी ओर समुद्र की बात करें तो समुद्र की गहराइयों में भी अंडमान निकोबार में भारतीय तिरंगा लहराया गया
स्पेस किड्स इंडिया में अपने एक बयान में कहा कि “अंतरिक्ष में तिरंगा फहराना उन सभी देशवासियों के लिए आदर और सम्मान का प्रतीक है जोकि भारत देश को गौरवान्वित करने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं
हम सभी को उन पर गर्व है” बता दें कि स्पेस किड्स इंडिया ने हाल ही में अंतरिक्ष की निचली कक्षा में एक सैटेलाइट को प्रक्षेपित किया था वहीं दूसरी और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थाओं ने भी भारत की आजादी के 75 वी वर्षगांठ पर एक वीडियो संदेश जारी किया है जारी किया
यह वीडियो संदेश सामंथा क्रिस्टोफोरेटी का है जो कि अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में वर्तमान में कार्यरत हैं उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा है कि हमें खुशी है कि हमने इसरो के साथ मिलकर कई सारे प्रोजेक्ट किए हैं साथ ही उन्होंने कहा कि भारत को बधाई देते हुए यह मेरे लिए खुशी की बात है कि हमने पिछले कई दशकों से साथ कार्य किया है।
वहीं भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री राजा चेरी जो कि हाल ही में 6 महीने पहले अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में कार्य करके वापस लौटे हैं उन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि भारत स्पेस एजेंसी इसरो और नासा के बीच काफी अच्छे संबंध हैं और दोनों के बीच के रिश्ते का इतिहास काफी लंबा रहा है जब इसरो शुरुआती दिनो में रॉकेट के आवाज पर कार्य कर रहा था तो उस समय नासा ने इसरो की मदद की थी और तब से लेकर आज तक दोनों के बीच काफी अच्छे संबंध हैं और काफी सारे प्रोजेक्ट पर साथ में कार्य करते हैं।





