
पहाड़ का युवा वर्ग देश व दुनिया को दिखा रहा है कि हमारे यहां संसाधन कम है. मगर अभी भी हमें में कुछ कर दिखाने का जुनून और दम है. पहाड़ का युवा वर्ग सभी को अपनी संस्कृति व सभ्यता के बारे में बता रहा है.
पहाड़ों का युवा वर्ग देश प्रदेश में जाकर अपने राज्य व देश का नाम रोशन कर रहा है. आज हम बात करने जा रहे हैं. उत्तराखंड की एक ऐसी की बेटी की जिसमें पूरे देश में उत्तराखंड देव भूमि का सिर गर्व से और भी ऊंचा कर दिया है.
देवभूमि उत्तराखंड की उस बेटी का नाम दिव्या नहीं है. जो कि 23 साल की है. दिव्या नेगी मूल रूप से टिहरी जिले के थौलधार ब्लाक के सोनार गांव की रहने वाली हैं. दिव्या नेगी ने आठवीं तक की पढ़ाई गांव से और आगे की पढ़ाई एसजीआरआर पीजी कालेज देहरादून से की है.
दिव्या के पिता जगत सिंह नेगी सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी हैं और मां सुशीला नेगी हाउस वाइफ हैं. दिव्या नेगी का चयन गांधी फेलोशिप के लिए हो गया. मौजूदा वक्त में वह रुद्रपुर में नीति आयोग के तहत होने वाले विकास कार्यों पर काम कर रही हैं. कुछ दिन पहले दिव्या नेगी ने नेशनल यूथ पार्लियामेंट फेस्टिवल में भाषण दिया था.
अपने भाषण में उन्होंने भारत की वसुधैव कुटुंबकम परंपरा को विशेष रूप स्थान दिया था. दिव्या नेगी ने संसद में पहाड़ी वेशभूषा व गुलूबंद पहनकर भाषण दिया. दिव्या नेगी पहले ब्लाक, जिला और फिर प्रदेश स्तर पर प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी है.
नेशनल यूथ पार्लियामेंट फेस्टिवल का आयोजन हर साल होता है और इस बार का थीम ‘विश्व के लिए भारत’ रखा गया था. दिव्या नेगी को तीन विषय दिए गए थे. उन्होंने ‘भारत में जी-20 का प्रतिनिधित्व: एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ विषय को चुना था. दिव्या नहीं किया की वीडियो वायरल हो गई थी और उन्हें उनके भाषण के लिए बहुत ज्यादा सराहना मिली.





