पहले जिन महिलाओं को सारा समाज निर्बल वह यह समझता था कि यह सिर्फ घर के ही काम कर सकती है. आज वही महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं और हर क्षेत्र में अपने आप को साबित करके दिखा रही है कि वह भी पुरुषों के जैसे हर एक काम कर सकती हैं.
आज की महिलाएं हरे क्षेत्र में अपना दम दिखा रहे हैं. अब वह चाहे आर्मी का क्षेत्र हो या कॉर्पोरेट वर्ड हो या कोई भी अन्य क्षेत्र ही क्यों ना हो. वह हर एक क्षेत्र में यह साबित कर रही है कि वह किसी भी काम में पुरुषों से पीछे नहीं है. ऐसे ही एक कहानी आज हम आपको बताने जा रहे हैं.
यह खबर उत्तराखंड से आ रही है जहां की एक युवती ने टैक्सी चलाकर उत्तराखंड की पहली महिला टैक्सी ड्राइवर होने का खिताब अपने नाम कर लिया है. इस युवती का नाम रेखा पांडे है जोकि उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा जिले के रानीखेत के ताड़ीखेत की रहने वाली है. मगर वहां मूल रूप से बागेश्वर जिले के गरुड़ क्षेत्र के बेटा गांव की निवासी है.
रेखा पांडे पिछले 2 महीने से टैक्सी चलाने का काम कर रही हैं. यह काम उन्हें अपनी जीविका चलाने के लिए करना पड़ रहा है बता दें कि उनके पति फौजी रिटायर है. मगर कुछ महीने पहले उनके पति मुकेश चंद्र पांडे पीलिया से ग्रस्त हो गए थे और उन्होंने इस कारण बिस्तर पकड़ लिया था. तो घर की सारी जिम्मेदारी रेखा पांडे पर आ गई थी.
मगर इन परिस्थितियों में भी रेखा पांडे ने अपनी हिम्मत बिल्कुल भी नहीं हारी और उन्होंने अपनी आजीविका चलाने के लिए टैक्सी चलाने का फैसला लिया और बीते 2 महीने से अपने पति की टैक्सी चला रही है और प्रतिदिन रानीखेत से हल्द्वानी यात्रियों को ले जा रही है. अपने इस काम के कारण रेखा आजकल सोशल मीडिया पर छाई हुई है. हर कोई उनके इस काम और हिम्मत की सराहना कर रहा है.
यहां तक की उत्तराखंड के परिवहन मंत्री चंदन राम दास ने रेखा पांडे को फोन में उनकी सराहना की और उन्हें महिलाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत के रूप में बताया है. रेखा पांडे उन सभी महिलाओं व पुरुषों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत है जो कि अपनी परिस्थितियों के कारण हार मान लेते हैं.







