अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न केवल उत्तराखंड के लोगों में बल्कि पूरे भारत के लोगों में आक्रोश है जिसके बाद देश के कोने-कोने से अंकिता भंडारी के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की जा रही है।
वही अंकिता भंडारी केस में अब और भी कड़ियां खुलती हुई नजर आ रही है बता दें कि अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला सामने नहीं आता अगर अंकिता का दोस्त पुष्प ना होता बता दे कि अंकिता के दोस्त पुष्प उन्हें सोशल मीडिया के जरिए मिले थे।
जिसके बाद बातचीत करके दोनों गहरे मित्र बन चुके थे बता दे कि अंकिता हत्या से कुछ समय पहले ही अपने मित्र पुष्प से मिली थी जिसके बाद उन्होंने पुष्प की सहायता से ही रिजॉर्ट में नौकरी हासिल की थी उसने बताया था कि वह अपना रिज्यूम देहरादून या ऋषिकेश जैसी जगहों पर डाल सकती हैं।
जिससे उन्हें अपने प्रदेश में रहकर ही रोजगार मिल सके लेकिन पुष्प को खबर नहीं थी कि उनकी यही सलाह एक दिन अंकिता की जान ले लेगी बता दें कि जिस रात अंकिता के साथ यह दुष्कर्म हुआ उसी रात को अंकिता और पुष्प की अंतिम बार बातचीत हुई थी अंकिता काफी परेशान थी।
अंकिता के दोस्त पुष्प द्वारा भी काफी पूछा गया लेकिन अंकिता दिल खोल कर नहीं बता पाई जिसके बाद अचानक अंकिता का फोन बंद हो गया और अंकिता का फोन बंद होने के कारण पुष्प परेशान हो गया था उसने जैसे तैसे करके अंकिता के भाई का पता लगाया और उनसे संपर्क किया।
संपर्क करने के बाद पुष्प जम्मू कश्मीर से ऋषिकेश पहुंचा ऋषिकेश पहुंचने पर उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई और सारी सच्चाई को पुलिस के सामने रख दी बता दें पुष्प ने पुलिस की सहायता कीपुष्प बताते हैं कि अंकिता अपने करियर को लेकर काफी सजग थी वह अकसर अपने परिवार को लेकर बातें किया करती थी
पुष्प के परिवार बारे में ज्यादा पता नहीं चल पाया है वहां बताते हैं कि वह एक मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखते हैं उन्होंने पुलिस को आश्वासन दिलाया है कि जब कभी भी उन्हें उनकी आवश्यकता पड़ेगी तो वह पूरे मामले में सहायता करेंगे बता दे कि पुष्प अभी भी अंकिता हत्याकांड में एसआईटी और पुलिस की जांच में सहायता कर रहे हैं वही उत्तराखंड की जनता भी पुष्प की इस दोस्ती को देखकर पुष्प की तारीफ कर रही है।






