राज्य के बागेश्वर जनपद से BSF के जवान की आकस्मिक मौत से समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।जवान की मौत ड्यूटी के दौरान हुई बताई जा रही है प्राप्त जानकारी के अनुसार जवान भूपेंद्र प्रसाद ऊर्फ भुवन मूल रूप से बागेश्वर जिले के काफलीगैर तहसील के लोब छेत्र के सुतर गांव के निवासी थे।
भूपेंद्र प्रसाद बीएसएफ के मणिपुर त्रिपुरा 17 बटालियन के जवान थे। जहां वे कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात थे।अधिकारियों ने बताया कि कुछ समय पहले उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। जिसके बाद उन्हें त्रिपुरा के अगरतला स्थित सैन्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकिन इलाज के दौरान 17 दिसंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया।
जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया। उनके असामयिक निधन पर परिवार जनों परिवारजनों में कोहराम मच गया। सेना के जवान की मौत से आस पास के क्षेत्र में भी गमगीन माहौल बना हुआ था।बीएसएफ के उप निरीक्षक दिगंबर सिंह रावत के दिशा निर्देशन में जवान के पार्थिव शरीर को एअरलिफ्ट कर अगरतला से दिल्ली तक लाया गया।
जिसके बाद जवान के पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव लाया गया जैसे ही पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा परिवार जन शव पर लिपटकर रोने लगे । यह दृश्य देखकर समूचे छेत्र वासियों के आंखों में आंसू थे।
भूपेंद्र अपने पीछे अपने बुजुर्ग माता-पिता पत्नी और मासूम बच्चों को छोड़ गए।जवान का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ सरयू गोमती के तट पर किया गया। जहां बेटे अशोक कुमार ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर उन्हें अंतिम विदाई दी।






