2012 से लेकर 2013 तक केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में एक सैनिक स्कूल बनाने के लिए कहा था। लेकिन इतने साल बीत जाने के बाद भी स्कूल नही बना। भाजपा सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक कोई भी स्कूल का निर्माण नही कर पाया। स्कूल बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये दिए गए थे जिनमें से 9 करोड़ रुपये स्कूल ने बिल्डिंग बनाने में ही लग गए। उसके बाद 2012 में सैनिक कल्याण मंत्री डॉक्टर हरक सिंह रावत और शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के बीच लड़ाई के कारण स्कूल का निर्माण होने से रुक गया था।
सरकारी विभागों की आपसी लड़ाई ने 9 सालो से स्कूल के निर्माण के लिए अब केंद्र सरकार ने भी बजट देने से मना कर दिया है। शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इसकी सूचना दी। अगर सैनिक स्कूल बन जाता तो आज इसमे 300 बच्चे पढ़ रहे होते। सरकार ने जखोली में 52 एकड़ जमीन ली थी जिसमे 300 बच्चो को शिक्षा सुविधा देने के अलावा फौज में जाने की ट्रेनिंग भी दी जाती। वही शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि जखोली सैनिक स्कूल को बनाना चाहती है और उन्होंने इसके लिए डीपीआर भी तैयार कर ली है। हालांकि स्कूल निर्माण के बजट के लिए केंद्र सरकार से फिर अनुरोध करेगी।
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