
दुनिया के सभी देशों में उस देश की फौज सबसे महत्वपूर्ण अंग होती है.पहले जहां सिर्फ लड़के ही अपने देश की फौज में भर्ती होकर देश की रक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे.वही आज के टाइम पर लड़कियां भी इस में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं.जैसे आमिर खान की एक मूवी का डायलॉग है कि “हमारी छोरी छोरों से कम है के” उसी डायलॉग को साकार करते हुए हमारे देश की लड़कियां आज दिखा रही हैं.
आज हम बात करने जा रहे हैं उत्तराखंड राज्य की एक होनहार बेटी कि जो कि भारतीय सेना में सेकंड लेफ्टिनेंट बन चुकी है. राज्य के चमोली जिले के भदूड़ा गांव निवासी रितिका नेगी की, जो भारतीय सेना की एएफएमसी में सेकंड लेफ्टिनेंट बन गई है. रितिका ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा नंदा हिल्स पब्लिक स्कूल गोपेश्वर से प्राप्त करने वाली रीतिका ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की शिक्षा जसवंत मार्डन सीनियर सेकेंडरी स्कूल देहरादून से प्राप्त की है.
रीतिका नेगी के पिता भीम सिंह नेगी एक सामाजिक कार्यकर्ता एवं उद्यमी है. जबकि उनकी मां मीरा नेगी एक शिक्षिका है. रितिका के माता-पिता ने पासिंग आउट परेड में सम्मिलित होकर उनके कंधे पर सितारे लगाकर उन्हें भारतीय सेना को समर्पित कर दिया है. इस खबर से उनके परिवार में ही नहीं बल्कि समूचे क्षेत्र में खुशी की लहर है.






