बुधवार को अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर आयोजित प्रोग्राम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी ने निर्देश दिए कि वह परिवारों की पुनर्वास क्षेत्र में बिजली, पानी और अन्य मूलभूत की व्यवस्था की जाएगी। पुनर्वासित गांव से सड़को को जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर गांव में कोई दिक्कते आई तो मामला शासन स्तर पर लाया जाएगा। इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से आठ जनपदों के गांव के लोगो से बात कर उनकी समस्याएं सुनकर उनके हल निकालने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सवेदनशील गॉंव का लगातार सर्वे किया जाए। इसके बाद जिन परिवारों को तत्काल पुर्नवासित करने की आवश्यकता है इसकी सूचना भी दी जाए। पुर्नवासित परिवारों के लिए भारत सरकार गाइडलाइन निकाली है जिसमे परिवार वालो को धनराशि दी गई है। जिन लोगो का कोविड के कारण मृत्यु हो गई है उन्हें 50 हज़ार रुपये की धनराशि देने की व्यवस्था की जा रही है।
इसमे परिवारों के पुर्नवास नीति 2011 के प्राविधानुसार राज्य में कुल 83 गांव और 1447 परिवार को पुर्नवासित किया गया। जिसके लिए 61 करोड़ 2 लाख 35 हज़ार रुपय की धनराशि दी गई। वही 2017 से पहले 02 गांव के 11 परिवारों और 2017 के बाद 81 गांव के 1436 परिवारों को पुर्नवासित किया गया। वही गढ़वाल मंडल के चमोली गांव में 15 गांव के 279 परिवार, उत्तरकाशी जनपद के 05 गांव के 205 परिवार, टिहरी के 10 गांव के 429 परिवार और रुद्रप्रयाग के 10 गांव के 136 परिवार पुर्नवासित किये गए। इस कार्यक्रम में पुर्नवास मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत, सचिव आपदा प्रबंधन श्री एस.ए. मुरुगेशन, भी शामिल थे।
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