
राज्य के हल्द्वानी शहर में लगभग 4500 आवासीय मकानों के ऊपर सरकार ने बुलडोजर चलाने की कवायद शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं ।राज्य में रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से बने इन घरों को बुलडोजर द्वारा तोड़कर रेलवे की जमीन से हटाया जाएगा।
इन घरों को तोड़ने से पहले इलाके में बिजली की सप्लाई को बंद किया जाएगा जिसके बाद ही क्षेत्र में बुलडोजर चलाया जाएगा।क्षेत्र में रहने वाले कुछ लोगों ने अतिक्रमण हटाए जाने में सरकार का समर्थन किया वहीं कई लोगों ने इसके खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है जिसके बाद सरकार ने भी सख्ती दिखाते हुए क्षेत्र में 7000 पुलिसकर्मी तैनात किए हैं।इसके साथ ही 15 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी क्षेत्र में मौजूद रहेंगे।
बीते कुछ समय से रेलवे द्वारा अपनी संपत्ति पर अवैध रूप से लोगों द्वारा किए गए कब्जे और आवासीय मकानों को हटाने की कवायद चल रही है जिसके तहत कई जगह रेलवे द्वारा अपने क्षेत्र में अतिक्रमण हटाकर उस क्षेत्र मे पिलर लगा दिए गए हैं।
इसके लिए अब पांच चौराहा से लेकर बनभूलपुरा तक रास्ता बंद कर दिया है।सरकार ने क्षेत्र के लोगों को मकान खाली करने के निर्देश दे दिए हैं साथ ही बिजली विभाग ने भी सरकार को बिजली की लाइन हटाने में आने वाले खर्च का ब्यौरा लिखकर भेज दिया है। ऊर्जा निगम ने क्षेत्र में बुलडोजर चलने से पहले क्षेत्र से बिजली की सप्लाई को हटाएगा।
बता दें कि इस क्षेत्र में राजनीतिक पार्टियों के मजबूत होने के कारण जहां आज तक अतिक्रमण को लेकर सरकार कुछ नहीं कर पाई थी लेकिन अब माननीय हाईकोर्ट के आदेश पर रेलवे की 78 एकड़ जमीन पर बनाए गए अवैध रूप से आवासीय मकानों को बुलडोजर के द्वारा ध्वस्त किया जाएगा।
हालांकि इसके खिलाफ आवासीय लोग भी सड़क पर उतरे और इसका विरोध किया साथ ही इलाके में 28 दिसंबर को इसके विरोध में दुकानदार और व्यापारियों ने बाजार भी बंद रखा बता दें कि इस प्रक्रिया में लगभग सरकार द्वारा ₹23 करोड़ खर्च किए जाएंगे। वही अतिक्रमण हटाने के बाद क्षेत्र में पिलर लगा दिए जाएंगे।





