भारत एक विकासशील देश है. भारत विकासशील अपने छोटे-छोटे गांव की प्रगति से बनता है. गांव को प्रगतिशील बनाने में वहां की ग्राम पंचायत की अहम जिम्मेदारी होती है. अगर लोगों द्वारा चुनी गई पंचायत सही ढंग से काम करे तो गांव और राष्ट्र का विकास होने से कोई नहीं रोक सकता. आज हम आपको उत्तराखंड की ऐसी प्रधान से मिलाने जा रहे हैं जिन्होंने अपने गांव को आगे बढ़ाने के लिए कई अहम कदम उठाए और फैसले लिए.बबली रावत उत्तराखंड के टिहरी जिले के नरेंद्रनगर ब्लाक की युवा प्रधान हैं.
डिजिटल भारत की मुहीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छेड़ी गई है. जो की दुनिया भर में देश की शसक्त और आधुनिक छाप छोड़ने के लिए छेड़ी गई है. इसी मुहिम को ग्राम पंचायत ओडाडा की धरती तक बबली रावत पहुंचा रही हैं. इसीलिए यहां का विकास पूरी योजना के तहत हो रहा है.जिसका 28 जुलाई 2021 को इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय भी सराहना कर चुका है. ग्राम पंचायत में बबली रावत के द्वारा डिजिटल सुविधा प्रदान करने वाले बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण सेंटर की शुरुआत की है.
यहां से ग्रामीणों को जरूरी प्रमाण पत्रों के साथ विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदन करने के लिए अभी सुविधा हो रही है. ग्रामीणों के लिए यह सभी सुविधाएं हैं बिल्कुल निशुल्क है. अब ग्रामीणों को इन कामों के लिए शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यही नहीं एटीएम जेसी सुविधा भी ग्रामीणों के अब द्वार तक पहुंचती है. पहले ग्रामीणों को अपने इन सभी डिजिटल कार्यों के लिए 25 किलोमीटर तक की दूरी तय करने पड़ती थी.
इसी समस्या को देखते हुए ग्राम प्रधान बबली ने गांव को डिजिटल बनाने की योजना की तरफ अपने कदम बढ़ाते हुए अपनी ओर से 10 कंप्यूटर और एक प्रिंटर खरीदा जिन्हें संचालित करने की जिम्मेदारी पंचायत के प्रशिक्षित युवाओं को सौंपी गई. साल 2022 से ग्रामीण युवाओं और छात्रों को यह सुविधा प्रदान की जा रही है. कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान लेने के लिए आसपास के ग्राम पंचायत से भी कई सारे बच्चे यहां पहुंचते हैं और साथी हर महीने यहां कंप्यूटर ज्ञान और चित्रकला प्रतियोगिता होती है.
ग्राम प्रधान बबली रावत ने आधुनिकता की मिसाल पेश करते हुए गांव की सुरक्षा को भी तकनीक से जोड़ लिया है. उन्होंने सरकारी अनुदान से सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए हैं जो की सीधा उनके मोबाइल से जुड़े हुए हैं.इसके अलावा उन्होंने पंचायत के विद्यालय को भी और बेहतर किया है. बबली रावत कहती हैं कि समग्र विकास के लिए नई पीढ़ी का भविष्य गढ़ना अतिआवश्यक है. इसके लिए उन्हें लीक से हटकर निर्णय लेने पड़े हैं मगर उसके परिणाम सुखद ही देखने को मिल रहे है.






