कोरोनावायरस ने पूरे देश में तेजी से अपने पैर पसार दिए हैं, देश में लगातार मामले बढ़ते ही जा रहे हैं, वहीं उत्तराखंड में भी 5 हजार से ऊपर केस आ रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर ने सबको डरा के रहा दिया है। वहीं इस में मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। वहीं बीते सोमवार को भी 67 मौत हुई। वहीं इस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच एक दुखद खबर शिक्षा जगत से आई है, जहां देहरादून ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के एचओडी, आईटी प्रो. मनीष महाजन का निधन हो गया है। आपको बता दें की, वो भी कोरोना की चपेट में आ गए थे। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद प्रो. महाजन की जान बच नहीं सके। प्रो. मनीष महाजन ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष थे। सभी छात्र उन्हें बहुत लोकप्रिय मानते थे।
शिक्षक प्रो. महाजन के निधन की खबर मिलते ही ग्राफिक एरा ग्राफिक एरा में शोक की लहर डूब गई। बताया जा रहा है की, प्रो. मनीष महाजन मात्र 49 साल के थे, और वे मूलरूप से हरिद्वार के रहने वाले थे।बताया जा रहा है की, कुछ दिन पहले ही उनमें कोरोना के लक्षण दिखे थे, जिसके बाद हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी कोविड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। फिर इसके बाद उन्हें देहरादून के सिनर्जी अस्पताल में एडमिट कराया गया था, जहां डॉक्टरों की बहुत कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।और बीती शाम को उनका कोरोना से लड़ते निधन हो गया। बताया जा रहा है की, प्रो. महाजन का परिवार देहरादून में रहता है, और वो अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ कर चले गए।
प्रो. महाजन के निधन की सूचना से ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में शोक की लहर ही। वे सभी छात्रों के प्रिया थे। वहीं ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला ने भी प्रो. मनीष महाजन के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। और कमल घनशाला ने कहा कि प्रो. मनीष का अचानक चले जाना, शिक्षा क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। कोरोना की दूसरी लहर सच में बहुत खतरनाक साबित हो रही है। ज्यादा से ज्यादा प्रयास करें की आप इस बीमारी से बचे।






