केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने राज्यपाल उत्तराखंड ले.ज (से.नी.) श्री गुरमीत सिंह मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, जॉलीग्रांट में बैठक में प्रदेश में आपदा की स्थिति और संचालित राहत और बचाव कार्यो की समीक्षा की। भविष्य में और बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए क्या किया जा सकता है, राज्य सरकार इस सम्बंध में सुझाव भेजे। एहतियातन तीर्थ यात्रियों और टूरिस्ट को सुरक्षित जगह पर रोक लिया गया। और स्कूलों और आजनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया। आईएमडी के मुताबिक सामान्य रूप से 1.1 मिमी बारिश होती है जबकि अभी 122.4मिमी बारिश हुई।इन दो दिनों में सभी राज्यो में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई। प्रदेश में इस समय एनडीआरएफ की 17 टीमें तैनात है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्र से मिले सहयोग पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेना, एनडीआरएफ के साथ मिलकर राज्य सरकार परेशानियों को कम कर सके। वही चारो धाम की यात्रा शुरू की जा चुकी है। अमित शाह ने मीडिया को बताया कि संकट की स्थिति में भारत सरकार हर तरीके से देवभूमि के साथ खड़ी है। उन्होंने दो घंटे के हवाई निरीक्षण और समीक्षा बैठक में स्थिति का जायजा लिया। वही 24 घंटे पहले चेतावनी मिलने से मुख्यमंत्री ने पूरे सिस्टम को एक्टिवेट किया। चारधाम यात्रियों को पहले ही सुरक्षित जगह पर रोक दिया गया।
सेंटर वाटर कमीशन और संचाई विभाग में अच्छा समन्वय रहा। अभी तक 64 लोगो की मौत हो चुकी है। वही कुछ लोग लापता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेतृत्व में राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य बहुत अच्छे से चलाया। इससे बहुत से जानो को बचाया गया। वही 3500 लोगो को रेस्क्यू किया गया जबकि 16 हज़ार लोगो को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। एनडीआरएफ की 17 टीमें, एसडीआरएफ की 60 टीमें, पीएस की 15 कंपनियां और पुलिस के 5 हज़ार जवान आज भी बचाव और राहत में लगे है।
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