अक्सर उत्तराखंड में संसाधनों को लेकर कमी के कारण हमने लोगों को जूझते हुए देखा है इसी कारण अधिकतर लोग शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं अक्सर उत्तराखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए या पढ़ने लिखने के लिए गांव से काफी दूर जाना पड़ता है और कहीं-कहीं गांव में सड़क ना होने के कारण भी लोगों को पैदल रास्तों से और जंगली जानवरों के डर से जूझना पड़ता है।
ऐसे ही एक खबर आ रही है चमोली जिले से जहां पर बताया जा रहा है कि एक प्रसव पीड़ा सहने वाली महिला ने जंगल में ही बच्चे को जन्म दे दिया प्रसूता का नाम नंदा देवी बताया जा रहा है।
उनके पति भरत सिंह और गांव के कुछ लोग उन्हें डंडी कंठी में उठाकर अस्पताल की ओर जा रहे थे बता दें कि देर रात उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई जिसके कारण ग्रामीण और प्रसूता के पति प्रसूता को डंडी कंठी में उठाकर अस्पताल की ओर ले जा रहे थे वह गांव से 2 किलोमीटर की दूरी पर एक जंगल में पहुंचे कि तभी प्रसूता की पीड़ा असहनीय हो गई और उसने जंगल में एक बच्चे को जन्म दिया।
बता दें कि आप कोई पहला मामला नहीं है जब सुख सुविधाओं के अभाव के कारण यह हुआ हो इससे पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं लेकिन प्रशासन अभी तक इन मामलों को संज्ञान में नहीं लेता।







