लक्ष्य सेन ने बढ़ाया देवभूमि का मान, 16 साल बाद दूसरे उत्तराखंडी ने जीता राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड

0
Lakshya Sen raised the honor of Devbhoomi, after 16 years, second Uttarakhandi won gold in Commonwealth Games
Lakshya Sen raised the honor of Devbhoomi, after 16 years, second Uttarakhandi won gold in Commonwealth Games (Image Credit: Social Media)

उत्तराखंड के लक्ष्य चयन में बर्मिंघम में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में बैडमिंटन के पुरुष एकल में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है बता दें कि लक्ष्य सेन दूसरे उत्तराखंड वासी हैं जिन्होंने स्वर्ण पदक जीता है इससे पूर्व जसपाल राणा ने निशानेबाजी में पहली बार 2006 में स्वर्ण पदक जीता था।

लक्ष्य सेन को उत्तराखंड का दूसरा गोल्डन ब्वॉय भी कहा जा रहा है बता दें कि लक्ष्य सेन दूसरे उत्तराखंड वासी है जोकि स्वर्ण पदक हासिल किए हुए हैं एकल के फाइनल में लक्ष्य सेन ने मलेशिया के एन जी टीजे योन्ग को 19–16 , 21–9, 21–16 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया बता दें कि इससे पहले 2006 में निशानेबाजी में जसपाल राणा ने स्वर्ण पदक जीता था उन्होंने अंतिम बार सेंटर फायर पिस्टल में पैयर्स इवेंट में गोल्ड मेडल को हासिल किया था।

इलेक्शन की टीम डेविस कप में भी अपना जलवा बिखेर चुकी है और देशवासियों को लक्ष्य से बर्मिघम में हुए आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड लाने की उम्मीद भी थी जिस पर वह 100% खरे उतरे लक्ष्य ने अपने खेल भावना से सभी खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया और गोल्ड मेडल लाकर पूरे देश को गर्व महसूस कराया।

लक्ष्य 2018 से ही एशियन जूनियर में कांस्य पदक जीत चुके हैं उन्होंने मनीला में हुए एशियन टीम चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता वहीं 2018 में ही ब्यूनस आयर्स में हुए यूथ ओलंपिक गेम्स में लक्ष्य ने रजत पदक जीता और वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप 2018 में कांस्य पदक जीता वही एशियन जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण और 2016 में कांस्य पदक अपने नाम किया था।

लक्ष्य सेन अपना पहला सेट हार जाने के बावजूद भी अपने उत्साह को कम नहीं होने दिया जिसके बाद उन्होंने अगले दो सेटों में वापसी की और अपना पूरा जोर लगा दिया जिसके बाद मलेशिया के खिलाडी योग को कोई भी मौका नहीं मिला कि वह वापसी कर पाए लक्ष्य ने बचे हुए दो सेट में अपना पूरा दमखम लगाकर गोल्ड मेडल को अपने नाम कर दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here