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गौरवशाली पल: पौड़ी गढ़वाल के लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान बने देश के दूसरे CDS

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Lieutenant General Anil Chauhan of Pauri Garhwal became the second CDS of the country
Lieutenant General Anil Chauhan of Pauri Garhwal became the second CDS of the country (Image Credit: Social Media)

हेलीकॉप्टर दुर्घटना में सीडीएस जनरल बिपिन रावत की मृत्यु के लगभग 10 महीने बाद लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत्त) को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के रूप में नियुक्त किया गया है।

सीडीएस के रूप में, लेफ्टिनेंट जनरल चौहान भारत सरकार के सचिव के रूप में कार्य करेंगे। , सैन्य मामलों के विभाग, रक्षा मंत्रालय ने कहा। 18 मई 1961 को जन्मे लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान को 1981 में भारतीय सेना की 11 गोरखा राइफल्स में कमीशन दिया गया था।

लगभग 40 वर्षों से अधिक के करियर में, लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने कई कमांड, स्टाफ और सहायक नियुक्तियां की थीं और जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद विरोधी अभियानों में व्यापक अनुभव था।

वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून के पूर्व छात्र हैं।

सीडीएस का प्रतिष्ठित पद दिसंबर 2021 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जनरल बिपिन रावत की मृत्यु के बाद से खाली पड़ा था। जनरल रावत ने 1 जनवरी, 2020 को सेना के कामकाज में अभिसरण लाने के लिए भारत के पहले सीडीएस के रूप में कार्यभार संभाला। नौसेना और वायु सेना और देश की समग्र सैन्य शक्ति को मजबूत करना।

देहरादून उत्तराखंड से एक खबर सामने आ रही है कि केंद्र मोदी सरकार ने रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान को देश का अगला चीफ डिफेंस यानी सीडीएस नियुक्त किया है आपको बता दें की सेना ने उनके विशिष्ट शानदार सेवा के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक व सेना पदक से सम्मानित किया गया है।

बता दें कि रिटायर्ड अनिल चौहान उत्तराखंड से ताल्लुक रखते हैं वहीं उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाले पुराने सीडीएस जनरल बिपिन रावत जी की मृत्यु हेलीकॉप्टर के हादसे में हुई थी जिसके बाद यह पद खाली चल रहा था आपको बता दें कि अनिल चौहान अपने 40 वर्षों से अधिक कार्य वर्ष में कई कार्यभार संभाल चुके हैं उन्हें जम्मू कश्मीर व उत्तर पूर्व भारत आतंकवाद की व्यापक जानकारी है 18 मई 1961 को जन्मे अनिल चौहान 1981 में भारतीय सेना की 11 गोरखा राइफल मैं सेवानिवृत्त हुए थे वे नेशनल डिफेंस एकेडमी खड़कवासला व देहरादून इंडियन मिलिट्री एकेडमी के पूर्व छात्र रह चुके हैं

मेजर जनरल रैंक के अधिकारी ने उत्तरी कमान में महत्वपूर्ण बरामुला सेक्टर में एक इन्फेंट्री डिवीजन की कमान संभाली थी व लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में उन्होंने उत्तर पूर्व में एक कोर की कमान संभाली थी इसके बाद 2019 में वे पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ बने 2021 में रिटायर हुए अतः उनके इस 40 वर्ष के करियर में उन्हें एक और कार्यभार सीडीएस का पद सौंपा गया है इसकी पुष्टि खुद रक्षा मंत्रालय ने की है

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