नवविवाहिता की मौत के लिए सड़क सुविधा का अभाव और घर में झाड़ फूंक में हुई देरी को जिम्मेदार बताया जा रहा है आज भी बहुत से पहाड़ी इलाके ऐसे है जहां बहुत कम सुविधाएं होती है,इस वजह से लोगों को बहुत कुछ सहन करना पड़ता है।रोजाना बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं के मृत्यु की दुखद खबर आती ही रहती है।
आज की दुखद खबर चंपावत के कन्यूड़ा गांव से आ रही है, यहां नवविवाहिता महिला की सड़क सुविधा के अभाव की वजह से हो गई।जानकारी के मुताबिक इसी गांव में रहने वाली 19 वर्ष की राधिका जोशी की शादी 30 जनवरी को कफलांग के रहने वाले महेश जोशी के साथ हुआ।
राधिका दो दिन पहले ही अपनी दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए अपनी पति के साथ मायके आई हुई थी। मेंहदी की रस्म गुरुवार को थी।उसके शामिल होकर राधिका अपने घर आकर सो गई और अगले दिन लगभग 8:00 बजे पता चला कि राधिका की तबीयत खराब है जिसकी वजह से उसे अस्पताल ले जाना है।
पहले स्वजन ने राधिका के बीमार होने पर लगभग एक घंटे तक झाड़ फूंक किया लेकिन कोई असर न दिखने पर सभी उसे अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन गांव में सड़क नहीं थी तो उन्हे करीब 5 किमी पैदल चलकर जाना पड़ा जिसमे उन्हे डेढ़ घंटे का समय लग गया।
डेढ़ घंटे का रास्ता तय करने के बाद वे सतपुला गांव पहुंचे जहां से वाहन से राधिका को जिला अस्पताल ले गए।लेकिन चिकित्सकों ने राधिका को मृत घोषित कर दिया। इस घटना की सूचना पुलिस को अस्पताल प्रशासन ने दी है।इसके अलावा तहसीलदार ने भी मृतका का पंचायतनामा भरा है।
वहीं सभी ग्रामीणों ने कहा कि यदि यहां सड़क सुविधा होती तो नवविवाहिता की जान बच सकती थी।वे सब बहुत लंबे समय से सड़क सुविधा की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस बारे में कोई ध्यान ही नहीं देता है।






