
हम सभी जानते हैं कि सरकारी दफ्तरों से काम कराने में पूरा दिन निकल जाता है. कई बार तो अपना काम कराने के लिए महीनों महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर भी काटने पड़ते हैं. तब भी कभी-कभी काम पूरा नहीं होता है. इसी समस्या का समाधान करने के लिए उत्तराखंड के आवास विभाग ने एक पहल की है.
जिसके अनुसार अब नक्शा पास कराने के लिए प्राधिकरण के चक्कर नहीं काटने होंगे. जहां पहले सेल्फ सर्टिफिकेशन की प्रणाली औद्योगिक इकाइयों के लिए ही लागू थी. वही अब उत्तराखंड के आवास विभाग आवासीय भवनों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन प्रणाली लागू करने जा रहा है.
जिसके अनुसार अब उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे लोग आर्किटेक्ट के स्तर से ही नक्शा मंजूर करवा सकते हैं. पिछली कैबिनेट मीटिंग में प्रदेश सरकार ने सेल्फ सर्टिफिकेशन को हरी झंडी देते हुए. औद्योगिक इकाइयों के लिए नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को आसान कर दिया था.
इसके अनुसार कोई भी व्यक्ति आसानी से औद्योगिक इकाई के निर्माण के लिए किसी भी पंजीकृत आर्किटेक्ट से नक्शा मंजूर करवा सकता है. अब यही प्रणाली आवासीय भवनों के लिए लागू की जा रही है. पहले भी सेल्फ सर्टिफिकेशन प्रणाली को लागू करने की घोषणा की गई थी.
लेकिन उस प्रणाली से सभी आर्किटेक्ट बहुत ज्यादा डरे हुए थे. क्योंकि उस प्रणाली के अनुसार दूसरे व्यक्ति के विरुद्ध हुए निर्माण के लिए आर्किटेक्ट को जिम्मेदार बनाया गया था. मगर इस प्रणाली को बदल कर अब विभाग ने स्वीकृत नक्शे के विपरीत हुए निर्माण के लिए भवन स्वामी को ही जिम्मेदार बनाने का निर्णय लिया है.
सचिव आवास एनएस पांडेय ने बताया कि इस प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है, जल्द ही नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी. इस नई प्रणाली की वजह से उत्तराखंड के नागरिकों को नए निर्माण को लेकर थोड़ा सा राहत की सांस लेने को मिलेगी.





