
आजकल बेरोजगारी के मारे जाने वाली युवा कभी-कभी गलत राह लेकर नौकरी पा लेते हैं जैसा कि उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में गोरी थाने में एक सिपाही के साथ हुआ पता चला कि उस सिपाही ने हाईस्कूल की परीक्षा में दो अलग-अलग जन्मतिथि लिखवा रखी थी ताकि उसकी नौकरी लग जाए
बता बता दे कि संपूर्ण मामला इस प्रकार है कि सिपाही का नाम अरविंद सिंह कुशवाहा बताया जा रहा है जो 2018 में पुलिस में भर्ती हुए थे उन्होंने 2011 में इंटर मोहम्मदाबाद गाज़ीपुर से हाई स्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की थी जिसमें उनकी जन्मतिथि 2 जून 1997 थी जबकि उन्होंने फिर दोबारा देवल माता रेलसीदे विद रघुनाथ पंडित गाजीपुर से हाई स्कूल पास की जिसमें उनकी जन्मतिथि 22 जून 1997 थी ।
बता दें कि इस संपूर्ण मामले की खबर उनके साथ काम कर रहे पुलिस कर्मियों तथा पूरे पुलिस विभाग को नहीं थी बता दें कि उन्होंने पुलिस में नियुक्ति पाने के लिए 2012 के हाईस्कूल प्रमाण पत्र लगाया जिसमें उनकी उम्र कम थी इसकी शिकायत मिलने पर पुलिस ने उनकी इंक्वायरी शुरू की जिसमें पाया गया कि उन्होंने दो अलग-अलग जन्मतिथि से पुलिस की भर्ती पाने के लिए धोखाधड़ी की है
जिसमें आरोपी सिपाही के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और साथ ही उसे नौकरी से निलंबित भी कर दिया गया बता दें कि वह 2018 के बीच के कॉन्स्टेबल थे उनके खिलाफ किसी ने अर्जी दायर की थी कि वह फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए पुलिस में भर्ती हुए हैं जब सच्चाई सामने आई तो आरोपी सिपाही अरविंद सिंह कुशवाहा को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ गया।






