उत्तराखंड के चमोली जिले के घाट ब्लॉक की ग्राम पंचायत कनोल के प्राणमती गांव में रहने वाले राजेंद्र कुमार की पत्नी करिश्मा देवी जो की गर्भवती महिला थी ।रविवार के दिन सुबह के समय अचानक से पेट में पीड़ा होने के कारण। महिला को अस्पताल ले जाने की तयारी की गई। वहा पे सड़क नही होने का कारण उस जगह एंबुलेंस का कोई साधन नहीं था। जिसके कारण गांव के रहने वाले स्थानियो ने डोली का माध्यम लिया ।
गांव वाले गर्भवती महिला को डोली में लेकर सड़क के लिए निकल गए। गांव से सड़क की दूरी करीब 8 किलोमीटर थी । जिसमे बीच में घना जंगल भी पड़ता है। गांव वालो ने बताया की गांव से सड़क की दूरी बहुत ज्यादा है ।ऐसे में बच्चे या मां की जान को खतरा होता है।
ऐसी हालत में अगर कोई बच गया तो उसे किसी चमत्कार से कम नहीं बोल सकते। आधे रास्ते में गर्भवती महिला के बड़ी तेज के पीड़ा होने लग गई जिसके कारण गांव वालो ने डोली को वही पे रोक दिया किसी तरह ग्रामीणों ने ही बीच रास्ते में गर्भवती महिला का प्रसव कराया। महिला और बच्चे दोनो स्वस्थ बताए जा रहे है।
वहां के स्थानीय लोगो ने बताया की 2018 में जब मुख्यमंत्री ने जब सड़क बनाने की घोषणा की किया था। लेकिन वहा के रहने वालो के लिए एक वो घोषणा बनकर रह गई। एक प्रदेश जहां की एक मात्र उपलब्धि यह कि मात्र 20 साल की छोटे कार्यकाल में 11 सीएम बन चुके हैं, परंतु पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। कही जगहों में सड़क न होने के कारण एंबुलेंस की जगह डोली का प्रयोग किया जाता है।