मैक्स कंपनी को उत्तराखंड हिमालय में पहुंचाने में अपने मिशन में काफी सफलता मिली है ।ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के हिस्से के रूप में, मैक्स कंपनी ने नारकोटा में खांकड़ा और नारकोटा के बीच मुख्य सुरंग को सफलतापूर्वक पार कर लिया है ।परियोजना की पहली सुरंग , जिसे पूरा होने में 520 दिन लगे , इसके लिए 500 से अधिक लोगों ने दिन – रात काम किया है।
सात किलोमीटर के दायरे में कार्य प्रगति पर है ।मैक्स कंपनी दो किलोमीटर की सीमा पार करने में कामयाब रही।यह रेल परियोजना की पहली महत्वपूर्ण सुरंग है जिसमें से होकर गुजरना पड़ा है ।इसके तहत 13 स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा।
ऋषिकेश और कर्णप्रयाग के बीच ट्रेन परियोजना के लिए 13 स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। वीरभद्र योग सिटी ऋषिकेश शिवपुरी , व्यासी, देवप्रयाग, जानसू मलेथा, श्रीनगर (चौरास), धारी देवी, रुद्रप्रयाग (सुमेरपुर), घोलितीर, गौचर और कर्णप्रयाग लिस्ट में शामिल हैं आपको बता दें कि 126 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश – कर्णप्रयाग चौड़ी रेल लाइन परियोजना अब निर्माणाधीन है।
ऋषिकेश कर्णप्रयाग लाइन में नौ पैकेज हैं । यह प्रोजेक्ट 31 दिसंबर 2024 को पूरा हो जाएगा।ऋषिकेश कर्णप्रयाग ब्रॉड गेज रेल परियोजना की लागत लगभग 16.216 करोड़ है । इस 126 किमी लंबी ट्रेन परियोजना की लंबाई 105 किमी सुरंगों के नीचे यात्रा करेगी ।हालांकि , 21 किमी का ट्रैक बाहर बनाया जाएगा ।इस प्रोजेक्ट में 17 टनल बनाई जा रही हैं।
ऋषिकेश कर्णप्रयाग ब्रॉड गेज रेल परियोजना की लागत लगभग 16.216 करोड़ है। इस 126 किमी लंबी ट्रेन परियोजना की लंबाई 105 किमी सुरंगों के नीचे यात्रा करेगी ।हालांकि , 21 किमी का ट्रैक बाहर बनाया जाएगा ।इस प्रोजेक्ट में 17 टनल बनाई जा रही हैं ।126 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना में 9 चरणों में 80 गेट शामिल होंगे ।






