Home उत्तराखंड उत्तराखंड की श्वेता नगरकोटी केरल में बनी SDM, बधाई दे

उत्तराखंड की श्वेता नगरकोटी केरल में बनी SDM, बधाई दे

0
Success story of ias shweta nagarkoti
Success story of ias shweta nagarkoti (Image Source: Social Media)

उत्तराखंड राज्य की होनहार बेटियां अपने प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों में भी अपना नाम बना रही हैं और साथ ही प्रदेश का नाम भी बड़ा रही है. आज हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा की रहने वाली श्वेता नगरकोटी की जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यूपीएससी परीक्षा पर करके केरल की एसडीएम बनने का मान हासिल किया है और अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे प्रदेश का नाम भी रोशन किया है. श्वेता नगरकोटी उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की लमगड़ा की मूल निवासी है. उनकी माता एक ग्रहणी और पिता निजी कंपनी में कार्यरत हैं. वर्तमान में श्वेता नगरकोटी केरल के तिरुवनंतपुरम जिले की उप जिला अधिकारी (SDM) हैं.

वर्तमान समय में श्वेता नगर कोटी का परिवार गाजियाबाद में रहता है. श्वेता ने अपनी प्राथमिक पढ़ाई से लेकर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई गाजियाबाद में ही की है. इंटरमीडिएट करने के बाद उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन बीएससी बायोटेक्नोलॉजी में पूरी की है. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी करना शुरू कर दिया था. श्वेता नगर कोटी ने जब पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी थी तो वहां सफल नहीं हो पाई थी. मगर जब साल 2020 में उन्होंने केरल से यूपीएससी की परीक्षा दी तो उनको 410 वीं रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त हुई और साथ ही उन्होंने अपने आईएएस बनने का सपना भी पूरा किया.

उसके बाद साल 2021 में केरल के तिरुवनंतपुरम जिले की उप जिला अधिकारी बन सभी का नाम रोशन किया. प्राप्त हो रही जानकारी से पता चलता है कि श्वेता नगरकोटी जब 12वीं की पढ़ाई कर रही थी. तो उस वक्त उनके पिता एक इलेक्ट्रॉनिक फैक्ट्री में काम किया करते थे. जहां से उन्हें अनजान कारण की वजह से नौकरी छोड़नी पड़ गई थी.

उनके परिवार की परिस्थितियों उसके बाद से इतनी ज्यादा खराब हो गई थी कि श्वेता की पढ़ाई छोड़ने तक की नौबत आ गई थी. लेकिन उनके मां-बाप ने हर कदम पर उनका साथ देते हुए बेटी का हौसला बनाए रखा और विषम परिस्थितियों में भी बेटी को निरंतर आगे बढ़ने का प्रोत्साहन किया और ताकि श्वेता की पढ़ाई ना छूटे इसलिए उनकी मां ने स्वरोजगार करना शुरू कर दिया. और दूसरी और श्वेता ने भी अपनी पढ़ाई में कोई कमी ना छोड़ते हुए अपनी पूरी मेहनत और लगन से पढ़ाई में आगे बढ़ने लगी.

इसके बाद श्वेता ने यूपीएससी की परीक्षा दी जिसमें वहां अपने पहले अटेम्प्ट में सफल नहीं हो पाई, मगर श्वेता ने हार ना मानते हुए साल 2020 में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण करते हुए 410वीं रैंक हासिल की और अपने आईएएस बनने का सपना भी पूरा किया. श्वेता नगरकोटी की यह कहानी बहुत ही ज्यादा प्रेरणादायक है. जो कि हमें यहां सिखाती है कि चाहे परिस्थितियों कितनी भी ज्यादा विपरीत और विषम हो जाएं फिर भी हमें हिम्मत ना हारते हुए अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते रहना चाहिए.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here