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बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते बौरा गांव के लोग, पानी के इंचार्ज को नहीं कोई सुध

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रुद्रप्रयाग जिले में स्थित बौरा गांव में पीछे 15 दिनों से एक बूंद पानी की नहीं आ रही है और पानी के इंचार्ज को कोई सुध ही नहीं है। गांव वाले 3-3 किलोमीटर दूर गंगवानी से पानी लाने को मजबूर है।

रुद्रप्रयाग जिले में स्थित बौरा गांव में पिछले 15 दिनों से एक बूंद भी पानी की नहीं आ रही आज हमारी टीम बौरा गांव में गई तो पाया कि ऊपर तो पानी आ रहा है लेकिन नीचे गांव तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ऊपर द्वारीधार में जगह-जगह पर नल टूट रखे है और पानी के इंचार्ज कोई इसकी कोई सुध ही नहीं है। हमारी टीम ने देखा की कही पर पानी रोकने के लिए स्टॉपर लगा रखे है जिससे पानी नीचे तक नहीं पहुंच रहा है। हमारी टीम ने ये भी पाया की एक भी पानी के यूनियन सही नहीं है सारी कही सालों से खराब पड़े हैं।लेकिन पानी के इंचार्ज को कोई सुध नहीं बौरा गांव के लोगो ने ये भी बताया की जब भी गांव में कोई बड़ा कार्यक्रम होता है तो उनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। महीने में बस 2 या 3 दिन ही पानी आता है। गांववालो का ये भी कहना है की इस भीषण गर्मी में सभी को पानी की आवश्यकता होती है सभी गांव वालो के पालतू जानवर भी है और इस भीषण गर्मी में उनको भी उतनी ही पानी की आवश्यकता होती है जितनी इंसानों को होती है आजकल इस भीषण गर्मी में पानी के प्राकृतिक श्रोत सुख गए हैं उनमें ना के बराबर पानी आ रहा है।

सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना बौरा गांव में धार पेथर के रहने वाले चार परिवारों को करना पड़ रहा है। वहां पानी का नल तो पहुंच रखा है लेकिन उसमें पानी महीने में बस 2-3 दिन आता है और पिछले 15 दिनों से एक भी भी बूंद पानी की नहीं आ रही हैं। गांव वालों का कहना है आजकल गांव में रावल देवता की बनीयाथ भी है और बनीयाथ के लिए सभी लोग आजकल घर आ रखे है जिससे पानी के लिए उनको और ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 10 दिनों से हमारी टीम ग्राउंड रिपोटिंग के लिए बौरा गांव में है और हमारी टीम ने पाया देखा की ऊपर द्वारीधार में जगह जगह पर पानी के नल टूट रखे है कही पर स्टॉपर लगा रखे हैं कही पर पानी रोकने के लिए टूटी तक नहीं लगा रखी है। हमारी टीम ने ये भी देखा की एक भी पानी के यूनियन सही नहीं है सारे पानी के यूनियन फ्री हो रखे है जिसके कारण ऊपर के लोग अपनी मनमानी कर रहे है दिन भर में अगर पानी आता है तो वो फ्री हो रखे यूनियन की वजह से नीचे गांव तक नहीं पहुंच पाता है गांव वालों का कहना है की पानी के इंचार्ज को इससे कोई मतलब नहीं है।

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