
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के सिलक्यारा सुरंग में 17 दिनों से 41 मजदूर फंसे थे जिसमे बांकीसोल पंचायत स्थित बहदा गांव निवासी भुर्तु मुर्मू भी फंसे हुए थे , भुर्तू मुर्मू के पिता उसके सही सलामत बाहर आने का इंतजार कर रहे थे लेकिन मंगलवार को 70 वर्षीय पिता की सदमे से मौत हो गई।
भुर्तु मुर्मू के पिता सुबह नाश्ता करने के बाद बाहर अपने दामाद के साथ खटिए पर बैठे हुए थे। अचानक से वह खाट से नीचे गिर गए और उन्होंने दम तोड दिया. उनके मौत की सूचना उनके दामाद ने उनके परिजनों को दी,
बताया जा रहा है की 14 दिनों से बेटे की बाहर आने की आश देखे हुए पिता से 12 नवंबर के बाद कोई भी प्रशासनिक अधिकारी हालचाल पूछने और मिलने नही गया।
वही वही इधर उधर से रिराशा जनक खबर मिलने के बार भुर्तु के पिता सदमे में चले गए और 14 दिन तक बेटे के आने की राह देखते हुए उन्होंने दम तोड दिया वही भुर्तू की मां अब सदमे में है पति की मौत के बार उनके अंशु तक नही निकल रहे वो पत्थर जैसी बन गई है उनके आंखो से अंशु तक नही निकल रहे है
उत्तरकाशी के सिलक्यारा में सुरंग ढहने से 41 मजदूर उसमे फंस गए थे जिनको कड़ी मेहनत के बाद कल सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है वही मुख्यमंत्री धामी ने बचाव कार्य में जुटे सभी लोगों की सराहना भी करी है





