2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधान मंत्री बन तो यूनिफॉर्म सिविल कोड के लागू होने न होने के अटकलों का दौर शुरू हो गया।बहुत लंबे समय से समान नागरिक संहिता की मांग तो होती ही रहती थी।इन अटकलों के बाद भी इससे जुड़े कोई प्रयास नज़र नही आए।
अब हाल ही में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी ने बड़ा बयान दिया जिससे यह मुद्दा फिर से चर्चा का विषय बन गया है।उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद तुरंत ही नागरिक संहिता कोड लागू होगा।
इसमें समाज के प्रबुद्धजनों,न्यायविदों,सेवानिवृत जनों और इसे कई अन्य लोगों की कमेटी बनाई जाएगी जो राज्य के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट तैयार करेगी। इस कोड का असली उद्देश्य सभी के लिए समान कानून बनाना होगा इसमें सभी धर्म शामिल होंगे।यह कानून ज़मीन जायदाद,विवाह,उत्तराधिकार और तलाक जैसे कई अहम विषयों पर लागू किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह एक प्रभावी कदम है जो समान नागरिक संहिता संविधान निर्माताओं के सपनों को पूरा करेगा।साथ ही उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता कोड, शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ही लागू कर दिया जाएगा।इससे सभी नागरिकों को एकसमान अधिकार मिलेंगे।







