देहरादून:- मंगलवार को उत्तराखंड सूचना कार्यक्रम में अधिकार अधिनियम की 16वी सालगिराह के मौके पर रिंग रोड के पास सूचना आयोग भवन में आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के अलग अलग जगह से लोक सूचना अधिकारी, आरटीआई कार्यकर्तायों और सामाजिक संगठन के लोगो ने भाग लिया। सूचना का अधिकार 12 अक्टूबर 2005 से जम्मू कश्मीर को छोड़कर समस्त क्षेत्रो में प्रभावी हुआ, तभी से 12 अक्टूबर को आरटीआई दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिस दिन सूचना का अधिकार देश मे लागू हुआ उस दिन दशहरा का पर्व था जोकि एक सत्य का प्रतीक है।
वेबिनार में मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य केंद्रीय सूचना आयुक्त श्री बिमल जुल्का भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन के बारे में बताया और कहा कि हम सबका प्राथमिकता होनी चाहिय की जनता के सामने सार्वजनिक जानकारी अलग अलग माध्यम से पहुँच पाए। इसमे वेबसाइट, सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया की मदद ले सकते है। इसके साथ हमे तकनीक को बदलने की जरूरत है ताकि आने वाले समय मे किसी को भी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
अब तक कुल मिलाकर 32850 द्वितीय अपीलों और कुल 14285 शिकायतों का निस्तारण किया गया। सूचना आयोग में कुल 1639 मामलों में शास्ति आरोपित की गयी और 96 मामलों में लोक सूचना अधिकारी के खिलाफ जाकर कार्यवाही करने के अनुशंसा की गई। साल 2019- 20 में आयोग ने क्षेत्रो में विकास खण्डों और जिला मुख्यालयों में कुल 72 आरटीआई जनजागरूकता कार्यक्रमो का आयोजन किया गया।
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