पहाड़ में इस समय शादियों का सीजन है।वहीं एक ओर दूसरी समस्या पहाड़ में बारिश है।क्युकी पहाड़ में बारिश के कारण जगहें जगहें भूस्खलन रास्तों का टूटना आम बात है।लेकिन इसकी वजह से लोगो की आवाजाही पर काफी फर्क पड़ता है।अगर भूस्खलन रोड पर हो तो घंटो तक लोगो को लाइन में खड़ा रहना पड़ता है लंबा ट्रैफिक लग जाता है। लेकिन एक खबर आ रही है इस इसी बारिश के चलते बारात रास्ते में ही फस गई ये बारात बड़ियारगढ़ से कर्णप्रयाग पोखरी जा रही थी लेकिन रास्ता बोल्डर गिरने से बंद हो गया फिर क्या दूल्हे राजा को दुल्हन को तो लेजाना ही था तब दूल्हे राजा ने खुद ही रास्ते के मलबे को साफ करने की ठानी और दूल्हे राजा समेत सारे बाराती लग गए मलबा हटाने में और कुछ ही घंटो में दूल्हे राजा और सारे बारातियों ने रास्ते पर पड़ा सारा मलबा साफ कर दिया और एक नई मिसाल कायम कर दी|यह भी पढ़े: पहाड़ में तेंदुए का आतंक बनाया महिला को दूसरा शिकार..
दरअसल घटना उत्तराखंड के विकासखंड कीर्तिनगर के लोस्तु बडियारगढ़ के रिंगोली गई के है।बुधवार को दिग्विजय सिंह कंडारी कि बारात सुबह घर से निकलती है लेकिन बारात जैसे ही 10 किलोमीटर का सफर तय करती है।उसके बाद आगे रास्ते पर बारिश के कारण ढेर सारा मलबा मिलता है।जिससे बारात रास्ते में ही रुक जाती है।जबतक मलबा नहीं हटेगा तब तक बारात आगे नहीं बड़ सकती फिर क्या दूल्हे राजा उतरे गाड़ी से और लग गए काम पर वहीं दूल्हे राजा को देखकर सारे बाराती भी उनके साथ मिलकर रास्ते पर गिरा हुआ मलबा साफ कराने में लग गए।करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मेहनत के बाद रास्ते का मलबा हटाया गया जिसके बाद दूल्हे राजा समेत पूरी बारात अपने गंतव्य के लिए निकली बताया जा रहा यह की बारात को दुल्हन के घर पहुंचने में 2 बज गए थे।







