उत्तराखंड पुलिस लोगों की मदद,इंसानियत और अन्य चीजों की तारीफ की जाती है।लेकिन देहरादून से एक ऐसा मामला सामने आया है जो ऊपर व्यक्त किए गए शब्दों के बिल्कुल ही विपरीत है।जी हां मामला चोरी का था जिसमे एक महिला को पकड़ा गया और उसे थाने ले गए।
वहां उसे गालियां दी गई,करंट लगाया गया, और थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया।इस सब से महिला की हालत गंभीर हो गई और इस समय उसका इलाज कोरोनेशन हॉस्पिटल में चल रहा है।वहीं इस मामले के इंचार्ज दीपक गैरोला को सस्पेंड किया गया,जो कि जोगीवाला चौकी में तैनात थे।वहीं जोगीवाला पुलिस पर इस मामले में कई अन्य गंभीर आरोप भी लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक एक फ्लैट में चोरी हुई।उस फ्लैट में वह महिला साफ सफाई का कार्य करती थी।वह फ्लैट मोहकमपुर के रहने वाले देवेंद्र ध्यानी का है जो 15 मई को जोगीवाला पुलिस चौकी आए और उन्होंने इस मामले में केस दर्ज कराया। पेशे से
देवेंद्र ध्यानी एक सेवानिवृत्त विज्ञानी हैं जो मंत्रा अपार्टमेंट के एक फ्लैट में रहते हैं।उन्होंने बताया कि किसी काम से वह 7 मई को दिल्ली चले गए।कुछ दिन बीतने के बाद उनकी पड़ोस की एक महिला ने उन्हे बताया कि 14 मई को उनके फ्लैट के दरवाजे और अंदर आलमारियां खुली पड़ी हैं।
इसके बाद जब वे वापस अपने फ्लैट में 15 मई को लौटे तो उन्होंने देखा फ्लैट से नकदी एवं सोने-चांदी के जेवर गायब है।शिकायत दर्ज करने के बाद पुलिस सीधा फ्लैट में काम करने वाली महिला नेहरू कॉलोनी निवासी मंजू उर्फ श्रमी के घर गई।
वहीं पीड़ित महिला द्वारा बताया गया कि उसे पहले घर पर बुरी तरह से पीटा गया और उसके घर का सारा सामान भी बिखेर दिया गया।बाद में उसे चौकी ले जाया गया वहां पूछताछ में उसके ऊपर बर्फ डाली साथ ही करंट भी लगाया।उसके गालियां दी और बेल्ट,जूतों से भी उसकी बुरी तरह पिटाई की। बाद में पुलिसकर्मी महिला को उसी गंभीर हालत में उसके घर छोड़ गए।
वहीं अब मंजू की हालत गंभीर बनी हुई है परिजनों का कहना है कि वह ठीक से खाना तक नही खा पा रही है।वहीं चोरी का सामान मंजू के घर नहीं मिला।जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूड़ी द्वारा महिला के आरोपों की गोपनीय जांच कराई तो वह सारी बातें सच निकली।जिसके बाद जोगीवाला चौकी इंचार्ज दीपक गैरोला को सस्पेंड कर दिया गया है।साथ ही उन्होंने बताया कि यदि उनके साथ कोई अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल था तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।






